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रात के समय सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना मैं आसान कैसे बना सकती हूं?
अगर शिशॠआपके साथ ही सो रहा है तो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾à¤° मांओं की तरह आपको à¤à¥€ रात में जागकर सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना थोड़ा आसान लग सकता है। शिशॠको अपने साथ सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ वाली माà¤à¤‚ लंबे समय तक सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवा पाती हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जब शिशॠठीक आपके साथ सो रहा हो तो उसे रात में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना आसान रहता है।
लेकिन आपके लिठयह जानना बेहद जरूरी है कि शिशॠके साथ à¤à¤• ही बिसà¥à¤¤à¤° पर सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीके से कैसे सोना चाहिà¤à¥¤ शिशॠने अगर समय से पहले (पà¥à¤°à¥€à¤®à¥‡à¤šà¥à¤¯à¥‹à¤°) जनà¥à¤® लिया है तो उसके साथ à¤à¤• बिसà¥à¤¤à¤° पर न सोà¤à¤‚। अगर आप या आपके पति निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित काम करते हैं तो à¤à¥€ शिशॠको अपने बिसà¥à¤¤à¤° पर न सà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚:
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करना
शराब का सेवन करना
à¤à¤¸à¥€ कोई दवा या डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸ ली है, जिसकी वजह से आपको गहरी नींद आà¤
अधिक जानकारी के लिठशिशॠके साथ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीके से सोने पर हमारा लेख पà¥à¥‡à¤‚।
रात के समय शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने का à¤à¤• और आसान तरीका है कि शिशॠको कॉट में सà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚ और यह कॉट अपने पलंग के à¤à¤•दम साथ में लगाà¤à¤‚। à¤à¤¸à¥‡ में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने के लिठआपको बिसà¥à¤¤à¤° से निकलकर जाने की जरूरत नहीं होगी। आधी नींद की हालत में à¤à¥€ आप शिशॠको आसानी से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवा सकेंगी।
कà¥à¤¯à¤¾ रात को दूध पिलाने के लिठमà¥à¤à¥‡ शिशॠको नींद से जगाना चाहिà¤?
आमतौर पर शिशॠजब à¤à¥‚खा हो या वह दूध मांगे, उसे तà¤à¥€ दूध पिलाना बेहतर रहता है। इसे डिमांड फीडिंग यानी मांग के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना कहते हैं। अगर आपका शिशॠअचà¥à¤›à¥€ तरह से सो रहा है, दूध पी रहा है और उमà¥à¤®à¥€à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उसका वजन à¤à¥€ बॠरहा है तो सामानà¥à¤¯à¤¤: उसे दूध पिलाने के लिठजगाने की कोई जरूरत नहीं है।
लेकिन अगर नवजात शिशॠनियमित रूप से तीन-चार घंटे से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सोता है उसकी नजदीक से निगरानी करनी जरूरी है, ताकि उसका वजन उमà¥à¤®à¥€à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बढ़ना सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ हो सके। à¤à¥‡à¤¸à¤¾ इसलिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि डिमांड फीडिंग जनà¥à¤® के कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‡ बाद से लेकर कà¥à¤› महीनों तक में उपयà¥à¤•à¥à¤¤ बैठती है।
कई बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¥€ आपको बचà¥à¤šà¥‡ को नियत समय पर पर दूध पिलाने को कह सकते हैं। इसका मतलब यह हà¥à¤† कि आपको दिन और रात में दूध पिलाने के लिठअपने शिशॠको जगाना होगा। लेकिन आमतौर पर यह असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ ही रहता है। यह इन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में हो सकता है:
जनà¥à¤® के बाद कà¥à¤› शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में
डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह हाे सकती है कि जब तक शिशॠअपने जनà¥à¤® के समय के वजन के बराबर नहीं हो जाà¤, आप उसे दिन और रात में हर दो-तीन घंटे में दूध पिलाà¤à¤‚। जनà¥à¤® के बाद जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° शिशà¥à¤“ं का वजन कम हो जाता है, जो सामानà¥à¤¯ बात है।
लेकिन आपके शिशॠके जनà¥à¤® समय के वजन के आधार पर हो सकता है डॉकà¥à¤Ÿà¤° चाहें कि जितना जलà¥à¤¦à¥€ हाे सके उतनी जलà¥à¤¦à¥€ वह दोबारा उतना ही वजन हासिल कर ले। दूध पिलाने की नियमित दिनचरà¥à¤¯à¤¾ आपके शिशॠको वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में मदद करेगी।
अगले चेकअप में अगर डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके शिशॠके बà¥à¥‡ हà¥à¤ वजन से संतà¥à¤·à¥à¤Ÿ हà¥à¤ तो वह आपको फिर से डिमांड फीडिंग पर जाने की सलाह दे सकते हैं।
अगर जनà¥à¤® के समय आपके शिशॠका वजन कम हो
अगर जनà¥à¤® के समय आपके शिशॠका वजन 2.5 किलो से कम हà¥à¤† तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको हर दो से तीन घंटे के अंदर शिशॠको दूध पिलाने की सलाह दे सकते हैं। à¤à¤²à¥‡ ही इसके लिठआपको शिशॠको नींद से कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न जगाना पड़े। इसका मकसद यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना है कि बचà¥à¤šà¥‡ का वजन तेजी से बà¥à¥‡ और उसका विकास अचà¥à¤›à¥‡ से हो।
अगर आपका शिशॠपà¥à¤°à¥€-मैचà¥à¤¯à¥‹à¤° या बीमार है
à¤à¤• समय से पहले जनà¥à¤®à¤¾ या बीमार या पीलिया गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ शिशॠहो सकता है कि दूध की मांग करने के लिठअà¤à¥€ बहà¥à¤¤ छोटा या उनींदा हो। इसकी बजाय वह अपनी ऊरà¥à¤œà¤¾ विकास और बीमारी से उबरने में लगाà¤à¤—ा। अगर आपके शिशॠके à¤à¥‚ख लगने के संकेत कमजोर या बिलà¥à¤•à¥à¤² ही नहीं हैं तो उसे हर तीन घंटे में जगाकर दूध पिलाने का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें। यदि डॉकà¥à¤Ÿà¤° ने सलाह दी हो तो कई बार हर दो घंटों में दूध पिलाना होता है।
दूध पिलाने की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ बनाने के लिठकई माता-पिता अपने शिशॠको हर तीन से चार घंटे में जगा देते हैं। रूटीन सेट करने से शिशॠको सोने और नियमित रूप से दूध पीने में लंबे वकà¥à¤¤ तक मदद मिलती है। लेकिन अगर आपका शिशॠपूरी तरह सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ है और उसका वजन à¤à¥€ बढ़ रहा है और वह रात को थोड़े लंबे वकà¥à¤¤ तक सोता है तो उसे सिरà¥à¤« दूध पिलाने के लिठजगाने की जरूरत नहीं है।
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